नए वित्त वर्ष में 7 फीसद से नीचे रहेगी जीडीपी की रफ्तार - विशेषज्ञ

GN Bureau | Thursday 04 January 2018

नए वित्त वर्ष में 7 फीसद से नीचे रहेगी जीडीपी की रफ्तार - विशेषज्ञ

नए वित्त वर्ष 2017-18 में भी भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी रह सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि नोटबंदी और जीएसटी के चलते 2017-18 में जीडीपी का ग्रोथ रेट 7 फीसदी से नीचे रह सकता है।

सेंट्रल स्टैटिस्टिक्स ऑफिस यानी सीएसओ इसको लेकर शुक्रवार को एडवांस एस्टीमेट जारी करेगा। योजना आयोग के पूर्व सदस्य अभिजीत सेन के मुताबिक जीएसटी लागू होने के बाद टैक्स व्यवस्था में कई खामियों का असर इस साल भी अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। जिसकी वजह से आर्थिक विकास की रफ्तार पहले के मुकाबले धीमी रहेगी। सेन का कहना है कि नए वित्त वर्ष में जीडीपी ग्रोथ रेट 6 से 6.5 प्रतिशत के बीच रह सकता है।

वहीं योजना आयोग के पूर्व चेयरमैन मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा है कि चालू वित्त वर्ष में जीडीपी ग्रोथ रेट 6.2 से लेकर 6.3 प्रतिशत तक रह सकता है। एसबीआई के प्रमुख अर्थशास्त्री सौम्या कांति घोष का भी कहना है कि नए वित्त वर्ष में जीडीपी का 7 फीसद आंकड़े को छू पाना मुश्किल लग रहा है। हालांकि अर्थव्यवस्था की धीमी रफ्तार के बीच विशेषज्ञों ने तीसरी और चौथी तिमाही में कुछ बेहतरी की उम्मीद भी जतायी है।

भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर 2015-16 में 8 प्रतिशत थी जबकि 2016-17 में यह आंकड़ा 7.1 फीसद था।

 


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