Policy

  2018 में भारत की विकास दर 7.3 फीसद हो सकती है - वर्ल्ड बैंक
Wednesday 10 January 2018
2018 में भारत की विकास दर 7.3 फीसद हो सकती है - वर्ल्ड बैंक अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर लगातार आलोचना झेल रही केन्द्र की मोदी सरकार के लिए विश्व बैंक की ताजा रिपोर्ट राहत की खबर लेकर आई है। सरकारी एजेंसी सीएसओ के अनुमान के उलट विश्व बैंक ने अपनी ताजा रिपोर्ट में भारत की विकास दर साल 2018 में 7.3 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। वर्ल्‍ड बैंक की ओर से जारी 2018 ग्‍लोबल इकोनॉमिक्‍स प्रॉस्‍पैक्‍ट के मुताबिक नोटबंदी और जीएसटी के शुरुआती झटकों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था में मजबूती देखी जा रही है जिससे 2017 में विकास दर 6.7 फीसद रहने का अनुमान है। इस तरह 2017 में विकास की ये दर चीन के 6.8 से महज 0.1 फीसद कम है। अनुमान के मुताबिक अगले दो सालों में भारत की विकास दर 7.5 फीसद से भी आगे चली जाएगी और इस तरह वो चीन को भी पीछे छोड़ देगा। विश्व बैंक के डेवलपमेंट प्रॉस्पेक्ट्स ग्रुप के डायरेक्टर आह्यान कोसे ने है कि चीन की विकास दर धीमी हो रही है जबकि उसकी तुलना में भारत के ग्रोथ रेट में तेजी आ रही है। उनका कहना है कि अगले दस सालों में भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की किसी और अर्थव्यवस्था के मुकाबले उच्च विकास दर हासिल करने जा रही है।  रिपोर ...Read More
 
 
  भारतीयों के लिए खुशखबरी, H-1B वीजा नियमों में नहीं होगा बदलाव
Tuesday 09 January 2018
भारतीयों के लिए खुशखबरी, H-1B वीजा नियमों में नहीं होगा बदलाव अमेरिका के ट्रम्प प्रशासन ने एच-1 बी वीजा नियमों में किसी बदलाव से इनकार किया है। अमेरिकी अधिकारियों ने साफ किया है कि ऐसे किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं किया जा रहा है जिससे एच1-बी वीजा धारकों को देश छोड़ने के लिए विवश होना पड़े। इस फैसले से अमेरिका में रह रहे करीब साढ़े सात लाख भारतीयों को बड़ी राहत मिली है जो वहां नौकरी करते हैं। इनमें सबसे ज्यादा संख्या आईटी सेक्टर में काम रहे प्रोफेशनल्स की है। ट्रम्प प्रशासन का ये फैसला ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे एच-1बी वीजाधारकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। यूएस सिटीजनशिप एंड एमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) की ओर से कहा गया है कि प्रशासन ऐसे किसी फैसले को मंजूरी नहीं दे रहा है जिसके चलते बड़ी तादाद में अमेरिका में स्थायी निवास के लिए आवेदन करने वालों और सालों से काम करने वाले एच-1बी वीजाधारकों को देश छोड़ना पड़े। साथ ही ये साफ किया गया है कि ऐसे मामलों में एक्सटेंशन भी दिया जा सकता है। इससे पहले ट्रम्प प्रशासन ‘बाय अमेरिकन, हायर अमेरिकन’ की नीति के मद्देनजर एक प्रस्ताव पर विचार कर रहा था। प्रस्ताव के पारित हो जाने की ...Read More
 
 
  आ गया स्वदेशी हथियारों से लड़ने का वक्त- सेना प्रमुख
Monday 08 January 2018
आ गया स्वदेशी हथियारों से लड़ने का वक्त- सेना प्रमुख अपने बेबाक बयानों के लिए चर्चित भारतीय थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने सोमवार को एक और बड़ा बयान दिया। जनरल बिपिन रावत ने कहा कि अगर भविष्य में युद्ध होता है तो वो लड़ाई हम अपने देश में बने हथियारों के दम पर ही लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि हम धीरे-धीरे हथियारों की आयात को कम करने की दिशा की ओर बढ़ रहे हैं।  दिल्ली में आर्मी टेक्नॉलोजी सेमिनार में शिरकत करने पहुंचे सेना प्रमुख ने बताया कि हमें हल्के वज़न के बुलेट प्रूफ हथियार और ईंधन सेल तकनीक की जरूरत है। साथ ही कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि अगर इंडस्ट्री का सपोर्ट मिलता है तो हम इस राह में एक कदम और आगे बढ़ेंगे। गौरतलब है कि मोदी सरकार आने के बाद से हथियारों के निर्माण को लेकर कई कदम उठाए गए हैं। कई कंपनियों से इस बात के लिए समझौते किए गए हैं कि वह अपने उत्पादों का निर्माण भारत में ही करेंगी। सरकार ने हथियारों को देश में ही विकसित करने के काम को अपनी महत्वाकांक्षी योजना `मेक इन इंडिया` से भी जोड़ा है। हाल ही में देश की ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियों के ऑर्डर को भी मंजूरी दी गई है।  जनरल रावत इससे पहले भी कई बे ...Read More
 
 
  जानिए क्या है भारतीय सेना का नया फॉर्मूला
Thursday 04 January 2018
जानिए क्या है भारतीय सेना का नया फॉर्मूला देखिए क्या है सेना का नया एक के बदले दस का फॉर्मूला ...Read More
 
 
  2018 तक बड़ी अर्थव्यवस्था में फ्रांस, ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा भारत
Tuesday 26 December 2017
2018 तक बड़ी अर्थव्यवस्था में फ्रांस, ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा भारत अर्थव्यवस्था के लिहाज से वर्ष 2018 भारत के लिए नई उपलब्धि का साल होगा। नए साल में भारतीय अर्थव्यवस्था डॉलर के मामले में यूके और फ्रांस को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगी। मंगलवार को जारी सेंटर फॉर इकोनॉमिक एंड बिजनेस रिसर्च (CEBR) की रिपोर्ट में दावा किया गया है। रिपोर्ट में ऊर्जा और तकनीक के सस्ते संसाधनों के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था में तेजी की बात कही गई है।  CEBR के अधिकारी के मुताबिक 2018 में डॉलर के मामले में ब्रिटेन और फ्रांस को पीछे छोड़ भारत दुनिया की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बन जाएगा। रिपोर्ट पर गौर किया जाए तो 2032 तक चीन दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी वाला देश बन सकता है। यानी अर्थव्यवस्था के मामले में आने वाले 14 सालों में अमेरिका को चीन पीछे छोड़ देगा। साथ ही रूस की हालत 2032 तक और भी खराब होगी। अर्थव्यवस्था के मामले में वो 11वें पायदान से गिरकर 17वें पायदान पर पहुंच सकता है। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि भारत में नोटबंदी और जीएसटी के चलते विकास की रफ्तार थोड़ी धीमी जरूर पड़ गई लेकिन 2018 तक दुनिया की सबसे बड़ी पा ...Read More